आईआईएम: देश के नक्शे पर आने से होगा चहुमुखी विकास

औद्योगिक नगर काशीपुर के एस्कार्ट फार्म में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट की स्थापना से क्षेत्र का नाम देश के नक्शे में उच्च शिक्षा के लिए आने पर जहां प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर मिलेंगे। वहीं भविष्य में क्षेत्र के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। देश भर से लोगों के आने के साथ ही मल्टीनेशनल कंपनियों की भी गतिविधियां बढ़ेंगी। केंद्र की हरी झंडी मिलने से लंबे समय से मांग उठा रहे जनप्रतिनिधि हों या विभिन्न संगठनों के लोग हर तरफ नई उम्मीदें जगी हैं।

लोस सभा में हो या केंद्रीय मानव संशाधन मंत्री के समक्ष अनेक बार मांग उठा कर पहल करने वाले नैनीताल लोस सीट के सांसद केसी सिंह बाबा ने कहा कि वह लगातार लोस हो या तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह या वर्तमान केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल प्रदेश के साथ ही काशीपुर में स्थापित करने की मांग उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईआईएम के आने से अब क्षेत्र के एजुकेशन हब बनने का सपना साकार हो रहा है। अब क्षेत्र देश के नक्शे में आने से जहां प्रदेश का विकास होगा। वहीं युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सब ओर से इसके लिए सार्थक पहल रही।

देहरादून में हर बार पहल करने वाले विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि पहले चरण में साढ़े तीन सौ करोड़ व द्वितीय चरण में ढाई सौ करोड़ से विकास होगा। उन्होंने कहा कि इससे शहर की रंगत बदलेगी। क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। उन्होंने काशीपुर के हरी झंडी मिलने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी।

नालेब हब के लिए प्रयासरत उद्यमियों के प्रमुख संगठन केजीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव घई ने कहा कि चैंबर ने नोलेज हब बनाने की पहल की थी। इसमें हर मंच पर इसे उठाया गया। उद्योग पूरक एजुकेशन की पहली सीढ़ी आईआईएम को हरी झंडी मिलने से आने वाले समय से नगर पूर्ण रुप से विकसित बनेगा। उन्होंने कहा कि चैंबर हिंदुजा गु्रप से वार्ता कर प्रयासरत है कि है कि एक यूनीवर्सिटी खुले।

कुछ समय पहले केंद्रीय टीम व प्रदेश की टीम के साथ संस्थान को अस्थायी तौर पर संचालित करने के लिए अनेक विभागीय कार्यालयों का निरीक्षण करने के दौरा साथ रहे राजकीय पालीटेक्निक के प्रधानाचार्य आरपी गुप्ता ने कहा कि देश में कलकत्ता, लखनऊ समेत छह स्थानों पर संस्थान है। देश की सबसे बढ़ी संस्था में सीएटी के माध्यम से प्रवेश मिलता है। विश्व में यहां से निकले छात्रों की खासी मांग रहती है। मल्टीनेशनल कंपनियों का यहां झुकाव होगा। काशीपुर जैसे शहर के लिए यह बड़ी सफलता है। युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर व विकास होगा। पालीटेक्निक के ही मैकेनिकल हेड एसके वर्मा कहते हैं कि अब संस्थान में मल्टीनेशनल कंपनियां आकर कैंपस इंटर व्यू लेंगी। आईआईटी के प्रधानाचार्य मयंक अग्रवाल ने कहा कि सीएटी के माध्यम से प्रवेश व देश भर के लोगों का आना जाना शुरु होगा। काशीपुर देश विदेश से जुड़ जाएगा। पढ़ाई में सुधार के साथ ही लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। बहरहाल, काशीपुर के एस्कार्ट फार्म में दो सौ एकड़ में आईआईएम को हरी झंडी से भविष्य में क्षेत्र के चहुंमुखी विकास की उम्मीदें हर तरफ जगी हैं।

 

References: 
Dainik Jagran 07 Feb 2009 Haldwani Edition (Source http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6164792.html)

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